प्रोटीन/क्रिएटिनिन रेश्यो टेस्ट क्या है?

प्रोटीन/क्रिएटिनिन रेश्यो टेस्ट 24 घंटे का यूरिन प्रोटीन टेस्ट है। यह टेस्ट मुख्य रूप से 24 घंटे में यूरिन में स्त्रावित हुए प्रोटीन की मात्रा की जांच करता है। यह यूरिन सैंपल में एल्ब्यूमिन जैसे प्रोटीन की उपस्थिति का पता लगाता है।

  1. प्रोटीन/क्रिएटिनिन रेश्यो टेस्ट क्यों किया जाता है - Protein/Creatinine Ratio Test Kyu Kiya Jata Hai
  2. प्रोटीन/क्रिएटिनिन रेश्यो टेस्ट से पहले - Protein/Creatinine Ratio Test Se Pahle
  3. प्रोटीन/क्रिएटिनिन रेश्यो टेस्ट के दौरान - Protein/Creatinine Ratio Test Ke Dauran
  4. प्रोटीन/क्रिएटिनिन रेश्यो टेस्ट के परिणाम और नॉर्मल रेंज - Protein/Creatinine Ratio Test Result and Normal Range

प्रोटीन/क्रिएटिनिन रेश्यो टेस्ट किसलिए किया जाता है?

डॉक्टर इस टेस्ट की सलाह तब देते हैं, जब व्यक्ति में ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिसनेफ्रोटिक सिंड्रोमकिडनी रोग या अन्य मेडिकल स्थितियों जैसे उच्च रक्तचाप, डायबिटीज और लुपस के लक्षण दिखाई देते हैं। इस टेस्ट को एक सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण के रूप में भी किया जा सकता है।

डायबिटीज से बचने के लिए myUpchar Ayurveda Madhurodh डायबिटीज टैबलेट का उपयोग करे।और अपने जीवन को स्वस्थ बनाये।

 

प्रोटीन/क्रिएटिनिन रेश्यो टेस्ट की तैयारी कैसे करें?

कुछ दवाएं टेस्ट के रिजल्ट को प्रभावित कर सकती हैं इसीलिए हो सकता है कि टेस्ट से कुछ दिन पहले डॉक्टर आपसे उन दवाओं को बंद करने के लिए कहें। मरीज जो भी दवाएं, हर्ब्स या सप्लीमेंट आदि ले रहे हैं, तो इस बारे में डॉक्टर को बता देना जरूरी है।

कुछ अन्य कारण जिनसे टेस्ट के रिजल्ट प्रभावित हो सकते हैं, इनमें शामिल हैं:

प्रोटीन/क्रिएटिनिन रेश्यो टेस्ट कैसे किया जाता है?

यह एक सामान्य टेस्ट है जिसमें कोई जोखिम नहीं होता है और ना ही इससे संबंधित कोई तकलीफ होती है। इस टेस्ट के लिए केवल आपको सामान्य तरह से पेशाब जाना है। टेस्ट के लिए सैंपल घर पर या अस्पताल में लिए जा सकते हैं।

व्यक्ति को सैंपल लेने के लिए कंटेनर दिया जाता है। 24 घंटों में अलग-अलग समय पर सैंपल लेने और उसे जमा करने के लिए कंटेनर दिए जाते हैं।

कंटेनर पर ठीक प्रकार से लेबल लगाकर उन्हें किसी ठंडी जगह या फ्रिज में रखा जाना चाहिए। लेबल पर मरीज का नाम, दिन और सैंपल लिए जाने का समय लिखा जाना चाहिए।

इस के बाद परीक्षण के लिए कंटेनर को लैब में भेज देना चाहिए।

यूरिन के अंदर मौजूद एसिड की मात्रा को जानने के लिए सैंपल को एक डिप स्टिक द्वारा जांचा जाता है। यह डिप स्टिक कलर-सेंसिटिव पैड की बनी होती है।

बच्चों के लिए, यूरेथ्रा (मूत्रमार्ग) के आस-पास के भाग को अच्छे से धोना चाहिए। यूरिन कलेक्शन बैग को एक उचित जगह पर रखना चाहिए ताकि यूरिन किसी भी प्रकार से खराब न हो जाए। लिए गए सैंपल को जल्दी से परीक्षण के लिए लैब में भेज देना चाहिए।

प्रोटीन/क्रिएटिनिन रेश्यो टेस्ट के परिणाम और नॉर्मल रेंज

इस टेस्ट के लिए नॉर्मल रेंज यूरिन में 100 मिलीग्राम प्रति दिन (mg/d) से कम या 10 mg/decilitre से कम होती है।

हर लैब की सामान्य वैल्यू अलग-अलग होती है, इसीलिए रिजल्ट के बारे में ठीक से जानने के लिए डॉक्टर को रिपोर्ट्स दिखा देनी चाहिए। 

हालांकि अगर रिजल्ट असामान्य है, तो ये निम्न स्थितियों का संकेत दे सकते हैं:

यदि असामान्य परिणाम किडनी क्षतिग्रस्त होने के कारण आए हैं, तो रिजल्ट से इस बात का पता लग जाता है कि किडनी कितनी क्षतिग्रस्त हुई है। 

इसलिए स्थिति का सटीक परीक्षण करने और लक्षणों के सही कारण का पता लगाने लिए आगे के अन्य टेस्ट भी किए जाने चाहिए।

संदर्भ

  1. Muhammad Ujudud Musa. The Role of Urine Investigations in Urology Practice Open Journal of Orthopedics, April 14, 2015 Vol.5 No.4
  2. Landry DW, Bazari H. Goldman – Cecil Medicine 25th Edition Philadelphia, PA: Elsevier Saunder; chap 114.
  3. National Institute of Diabetes and Digestive and Kidney Diseases [internet]: US Department of Health and Human Services; Albuminuria: Albumin in the Urine
  4. Hartmann A et al. Protein-creatinine ratio--a simple method for proteinuria assessment in clinical practice Tidsskr Nor Laegeforen. 2002 Sep 20;122(22):2180-3 PMID: 12426892
  5. MedlinePlus Medical Encyclopedia. [Internet] US National Library of Medicine; Microalbumin Creatinine Ratio
  6. Lab tests Online. [Internet] American Association of Clinical Chemistry, U.S. Urine Protein and Urine Protein to Creatinine Ratio
ऐप पर पढ़ें
cross
डॉक्टर से अपना सवाल पूछें और 10 मिनट में जवाब पाएँ